Chapter 312
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 312
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वहीं जैसे ही लंच हुआ तब तक वेदिका भी विक्रम के लिए खाना लेकर पहुंच गई थी । तब वेदिका को आते हुए देखकर सबकी नज़रें उसकी तरफ चल गई । तब उसे देखकर एक लड़की बोली देखो तो सही कैसी चालबा