Chapter 237
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 237
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वही जब विक्रम अजीत से बातें कर रहा था तब गौरी भी अपने मोबाइल में कुछ देखने लग गई, तभी उसकी मां का फोन आ गया तो गोरी ने कॉल उठाया । तब उसकी मां बोली कहां हो बेटा अभी तक घर नहीं आए ।