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Chapter 119

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 119

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उधर विक्रम अपने कमरे में आया तो उसका दिल कर रहा था कि वह फूट-फूट कर रोएं, अपने कमरे में आते ही उसे वेदिका की याद सताने लगी थी, हर कोना उसके होने का जैसे एहसास करा रहा था । तब वह सो

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