Chapter 268
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 268
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वहीं वेदिका को भी देवदास को देखकर बहुत ज्यादा गुस्सा आने लगा था । तब रुचिका उन सब की तरफ देखकर बोली आप लोग सुबह-सुबह यहां । तब वह लोग अंदर आ गए, तब देवदास की मां बोली देखिए हम लोग