Chapter 34
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 34
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वहीं वेदिका को लेकर विक्रमजीत सीधे ही एक मंदिर पर आया, जहां दोनों ने देवी मां के दर्शन किए । तब देवी मां के सामने हाथ जोड़कर वेदिका बोली मां मुझे माफ कर दो मैंने अपनी जन्म देने वाल