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Chapter 131

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 130

थोड़ी बहुत रस्मों के बाद सबको अपने अपने कमरों में आराम करने के लिए भेज दिया गया,,, तीनों लड़कियों को तीनों लड़कों के कमरे में भेज दिया,,, निधि जैसे ही रुम में आई ,,, रुम को देख उसकी धड़कनें बढ़ गई,, चेहरे पर थोड़ी घबराहट दिखाई देने लगी,, पूरा रुम लेड और वाइट रोजेस और बैलून से डैकोरेट किया हुआ था,, कमरे में जगह जगह कैंडल्स रखी हुई थी,, निधि अपनी बढ़ी हुई धड़कनों के साथ पूरे कमरे को देख रही थी,,,

तभी रुम का दरवाजा खुला और स्टीफन अन्दर आया,, निधि की पीठ दरवाजे की तरफ थी ,, उसने अपने लहंगे को कस कर पकड़ लिया और वैसे ही खड़ी रही,, निधि की हिम्मत नहीं हो रही थी उसकी तरफ देखने लगी,, स्टीफन ने दरवाजा अन्दर से बंद किया और निधि की तरफ आ गया,, उसने पीछे से उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके कंधे पर अपना चेहरा रखते हुए बोला

स्टीफन:- जान आप खुश हैं ना,,

उसकी बात सुनकर निधि ने बस हां में गर्दन हिला दी,, स्टीफन ने उसको कंधों से पकड़ अपनी तरफ घुमाया और उसके माथे को चूमते हुए बोला

स्टीफन:- जान आपको घबराने की जरूरत नहीं है,, अगर आप कम्फ़र्टेबल नहीं है तो हम अभी अपने रिश्ते की शुरुआत नहीं करेंगे,, जब भी आपको लगे आप इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए तेयार है हम तभी अपने रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे,,,

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