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Chapter 58

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 57

जीत जो ईशा के पीछे बिल्कुल उसके नजदीक खड़ा था, उसे अपने इतने नजदीक महसूस कर ईशा घबरा गई, उसने अपनी आंखें बंद कर ली तो उसकी आंखों के सामने अद्विक का चेहरा आ गया, पता नहीं क्या था ऐसा अद्विक के चेहरे में जो ईशा में हिम्मत आ गई,

वो पीछे घूमी और उसने जोर से जीत को धक्का मारो दिया, जीत जो इसके लिए तैयार नहीं था वो लड़खड़ा कर पीछे हो गया, पर वो गिरा नहीं उसने खुद को सम्भाल लिया, सीधे खड़े हो कर उसने ईशा की तरफ देखा जो गुस्से में उसे ही देख रही थी,

ईशा के ऐसे धक्का देने से जीत को बहुत गुस्सा आ रहा था, वो घूर कर ईशा को देखने लगा, उसके ऐसे देखने से ईशा डर रही थी, पर उसने चेहरे पर नहीं आने दिया, उसने जीत की तरफ देखा और खुद को शांत करते हुए बोली

ईशा:- देखिए सर मैं वैसी लड़की नहीं हूं जैसा आप मुझे समझ रहे हैं, मैं यहां सिर्फ पढ़ने आई हूं, बाकी किसी बात से मुझे कोई लेना देना नहीं है, आप अपने लिए किसी और ढूंढ लीजिए,

यह बोल ईशा पीछे घूमी और वहां से जाने लगी पर जीत जो पहले ईशा के धक्का देने से गुस्से में था वहीं ईशा का इन्कार सुनकर और गुस्से में भर गया, वो जल्दी से आगे बढ़ा और उसने ईशा को पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया और दीवार से लगा दिया खुद उसके सामने खड़ा हो कर उसे गुस्से में घूरते हुए बोला

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