बेपनाह मोहब्बत - Chapter 12
अद्विक रुम में आया तो ईशा बेड पर उलटी लेटी अपना मुंह तकिए में छुपाए रो रही थी, उसकी सिसकियों की आवाज पूरे रूम में गूंज रही थी, अद्विक उसके पास गया और बेड पर बैठ गया, उसने ईशा के बालों को प्यार से सहलाया और बोला
अद्विक:- जानता हूं बहुत कुछ सहा है आपने, बहुत दुःख तकलीफें और दर्द मिले हैं आपको जिंदगी में जिन्हें शायद मैं समझ भी नहीं सकता, पर प्लीज़ इस तरह रो कर खुद को और तकलीफ़ मत दीजिए, आपको इस तरह रोते देख खुद की बेबसी पर गुस्सा आ रहा है कि मैं आपके लिए कुछ नहीं पाया, पर मैं चाहूं तो अभी उस इंसान को मौत के घाट उतार दूं जिसने आपको तकलीफ़ दी है, जो आपके इन आंसूओं आपके दर्द की वजह है, पर मैं चाहता हूं कि आप खुद उसे अपने हाथों से सजा दें, उसे उसी दर्द का एहसास करवाए जो उसने आपको दिया, पर उससे पहले आपको उसके लिए स्ट्रोंग बनना होगा, खुद को इस काबिल बनाना होगा कि उन सब से जिन्होंने आपको तकलीफ़ दी है उन सब से अपनी तकलीफ़ का बदला ले सको, बोलिए करेगी आप ऐसा लेंगी अपनी तकलीफ़ का बदला, देंगी अपने गुनहगारों को सज़ा,
ईशा जो रोते हुए उसकी बात सुन रही थी, उसने अपना चेहरा उठाकर उसकी तरफ देखा और रोते हुए बोली
ईशा:- मैंने किसी का क्या बिगाड़ा था जो मेरे साथ ऐसा हुआ, मेरे खुद के मामा मामी ने पैसों के लिए मुझे ऐसे इंसान के साथ बांध दिया जिसने मेरे शरीर के साथ साथ मेरी आत्मा को भी शलनी कर दिया, मामी ने मेरे साथ हमेशा बुरा वार्ताव किया पर मैंने कभी कुछ नहीं कहा, वो मुझसे घर सभी काम भी करवाती थी, मारती भी थी यहां तक कि कोई छोटी सी गलती भी हो जाए तो खाना नहीं देती थी भुखे रखती थी, लेकिन मैंने फिर भी कुछ नहीं कहा, तो उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, मेरी क्या ग़लती थी,
अद्विक:- आपकी कोई ग़लती नही थी, गलत तो वो लोग हैं जिन्होंने आपके साथ गलत किया है, एंड आई प्रोमिस सबको सबके किए की सजा मिलेगी, और उस इंसान को जिसने आपकी सबसे ज्यादा तकलीफ़ पहुंचाई है, उसे तो ऐसी सजा मिलेगी कि वो अपनी मौत की भीख मांगेगा पर उसे मौत भी नसीब नहीं होने दूंगा मैं,
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