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Chapter 30

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 29

शाम को अद्विक की आंख ईशा की हलचल से खुली जो अभी भी उसकी गोद में उसके सीने से लगी सोई हुई थी, अद्विक ने आंखे खोल उसकी तरफ देखा तो वो नींद में ही अपने पेट को मसल रही थी, मतलब के उसके पेट का दर्द फिर शुरू हो चुका था,

अद्विक ने उसे ऐसे देखा तो उसे अपनी में कस अपने सीने से लगाए उसकी पीठ को सहलाते हुए शान्त करवाने लगा, पर ईशा बिल्कुल शांत नहीं हो रही थी, दर्द ज्यादा होने की वजह से उसकी नींद भी खुल चुकी थी, ईशा को हद से ज्यादा दर्द हो रहा था जिससे उसकी आंखों से आंसू बहने लगे,

उसे ऐसे देख अद्विक को बहुत तकलीफ़ हो रही थी, उसने प्यार से उसके माथे को चूमा और उसकी पीठ को सहलाते हुए उससे बोला

अद्विक:- शोना! क्या आपको हमेशा इतना ही दर्द होता है,

उसकी बात सुनकर ईशा धीरे से बोली

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