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Chapter 95

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 94

सबने मिलकर वहां बहुत अच्छा टाइम गुजारा और मस्ती की , अब शाम होने को आई थी जंगल था इसलिए वहां अंधेरा भी जल्दी होने लगा था, इसलिए अद्विक के कहने पर सब लोग वापिस फार्म हाउस आने के निकल पड़े, पर रास्ते में मौसम खराब हो गया, आसमान में बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगी, लग रहा था कि किसी भी वक्त बारिश शुरू हो जाएगी,

अद्विक ने ईशा का हाथ मजबूती से पकड़ा हुआ था, वहीं स्टीफन ने भी निधि का हाथ मजबूती से पकड़ा हुआ था, आज दोनों के बीच सब कुछ सही हो गया था इसलिए स्टीफन ने फैसला किया था कि वो बहुत जल्द अद्विक से अपने और निधि के बारे में बात करेगा,

शक्ति और विधि साथ चल रहे थे, वहीं शेरा भी सानिया के साथ साथ चल रहा था, सुबह वो चलते चलते गिरने वाली थी पर शेरा ने उसे सम्भाल लिया था, और अभी तो अंधेरा भी हो गया था ऊपर से तेज हवाएं चलने लगी थी, इसलिए वो फिर एक बार गिरने लगी थी पर शेरा ने उसे एकदम से अपनी गोद में उठा लिया, वहीं ऐसे एकदम उठाने की वजह से सानिया घबरा गई और उसने अपनी बाहें शेरा के गले में लपेट दी,

शेरा उसे ऐसे देख मुस्कुरा दिया और धीरे से उसके कान में बोला

शेरा:- फ़िक्र मत करो मेरे होते हुए तुम्हें कुछ नहीं होगा,

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