बेपनाह मोहब्बत - Chapter 22
अद्विक इस समय अपने रुम की बॉलकनी में खड़ा सामने डूबते सूरज को देख रहा था पर उसकी आंखों के सामने अभी भी ईशा का रोता हुआ चेहरा घूम रहा था, बाहर से चाहे वो जितना भी शान्त हो पर उसके अन्दर एक तूफान चल रहा था,
उसने अपनी आंखें बंद की और खुद से ही बोला
अद्विक:- आपके हर गुनहगार को सजा मिलेगी बच्चा जिस जिस ने आपको तकलीफ़ पहुंचाने की कोशिश की है उन सबको खून के आंसू ना रुलाए तो मेरा नाम भी अद्विक कपूर नहीं ,
अद्विक ने अपनी आंखें खोली तो उसके आंखें गुस्से से एकदम लाल थी, तभी उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा तो अद्विक बिना उस इंसान की तरफ देखे बोला
अद्विक:- आपको हर बार कैसे पता चल जाता है कि मुझे आपकी जरूरत है,
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