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Chapter 123

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 122

शेरा जो सानिया से बात करना चाहता था उसने उसे गुमसुम बैठे देखा तो उसने उसका हाथ पकड़ा और लेकर रुम से बाहर चला गया,, सानिया ने उसे देखा पर कुछ बोली नहीं चुपचाप उसके पीछे चलती रही,, शेरा उसे लेकर हॉस्पिटल के टेरिस पर आ गया,, उसने उसका हाथ छोड़ा और उसके सामने खड़ा हो कर उसे देखने लगा,, सानिया चुपचाप उसके सामने सिर झुका कर खड़ी थी,, शेरा ने कुछ पल उसे देखा पर जब वो कुछ नहीं बोली तो उसने उसके चेहरे को हाथों में भरा और ऊपर किया तो उसकी आंसूओं से भरी आंखें देख उसके मन में टीस सी उठी,,

उसने खींच कर उसे अपने सीने से लगा लिया,, सानिया जिसे शायद इसकी ही जरुरत थी वो उसकी बाहों में आते ही फूट फूटकर रोने लगी,, शेरा ने कुछ नहीं कहा बस उसके बालों और पीठ को सहलाता रहा,, उसे पता था कि सच्चाई जानने के बाद उसका यही हाल होगा ,, कुछ टाइम बाद उसने सानिया को खुद से अलग किया वो अभी भी रो रही थी,, शेरा ने उसके आंसू साफ़ किए और प्यार से उसके माथे को चूम लिया,, और बोला

शेरा:- बस बच्चे शान्त हो जा ,, तुम्हारी तबियत खराब हो जाएगी,,

सानिया ने उसे कस कर पकड़ा और रोते हुए बोली

सानिया:- वो,, वो मेरे पापा नहीं है,, वो,, वो,,

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