बेपनाह मोहब्बत - Chapter 14
अगली सुबह सत्यम की आंखें खुली तो नज़रें सीधा ईशा पर जा ठहरी जो बेड पर आराम से सिकुड़ कर सो रही थी और उसका ब्लैंकेट नीचे गिरा हुआ था,
अद्विक जो सोफे पर सोया हुआ था वो उठा और ईशा की तरफ बढ़ गया, कुमार टाइम वो उसके चेहरे को निहारता रहा फिर उसने ब्लैंकेट उठाया और उसे अच्छे से कवर कर अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चला गया,
कुछ टाइम बाद वो बाथरूम से बाहर आया तो नज़रें फिर ईशा पर चली गई जो अभी भी आराम से सो रही थी, अद्विक को रात का समय याद आने लगा जब वो ईशा को सुला कर रुम से जा रहा था तो वो नींद में ही पैनिक करने लगी थी, जिस वजह से अद्विक को वहीं उसके पास ही रुकना पड़ा,
अद्विक अच्छे से तैयार हुआ और ईशा के पास जाकर उसे उठाने लगा अद्विक ने उसके सिर पर हाथ फेरा और बोला
अद्विक :- ईशु उठीए,
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