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Chapter 128

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 127

आज शाम को संगीत था बाहर गार्डन में उसकी डेकोरेशन चल रही थी,,‌ सबने ब्रेकफास्ट किया और लड़कियां अपने अपने रूम में चली गई और वहीं लड़के स्टडी रूम में चले गए क्योंकि आज एक इम्पोर्टेंट मीटिंग थी जिसे शक्ति हैंडल करने वाला था,, वहीं शेरा और स्टीफन दोनों सिक्योरिटी देख रहे थे,,

अद्विक के रूम में अद्विक वॉशरूम में था जब ईशा सो कर उठी ,, वो धीरे से उठकर बैठी और इधर उधर देखने लगी,, तभी उसे बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आई जिसे सुनकर वो‌ समझ गई कि अद्विक बाथरूम में है,, तभी ईशा की नजर अपने हाथों पर गई यहां मेहंदी का रंग बहुत ही गहरा आया था ,, अद्विक ने उसके हाथो पर बहुत ही खूबसूरत और प्यारा सा डिजाइन बनाया था,,,और उस डिजाइन के बीच दिल बनाकर उसने अपना और ईशा का नाम लिखा था जो कि बहुत प्यारा लग रहा था,, और उस नाम पर चढ़ा मेहंदी का रंग और भी गहरा था,, जिसे देखकर ईशा की मुस्कान और भी गहरी हो गई,, वो अपलक उस नाम को देखने लगी,,

तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और अद्विक बाहर आया,, उसने इस वक्त अपनी कमर पर बस एक टॉवल लपेट रखा था,, उसके बसन पर फिसलती पानी की बूंदें उसे बहुत ही दिलकश बना रही थी  ,, अद्विक की नजर ईशा पर गई जो मुस्कुराते हुए अपने हाथों को एकटक देख रही थी,, उसे देख अद्विक उसकी तरफ बढ़ गया और उसके पास जाकर बैठ गया,, उसने ईशा को देखा और फिर उसके हाथों ,, उसके हाथों पर अपना दोनों का नाम देख उसके चेहरे पर भी प्यारी सी मुस्कान आ गई,,

उसने ईशा के बालों को कान के पीछे किया और बोला

अद्विक:- आप अपने हाथों को ऐसे क्यों देख रही है शोना,,

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