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Chapter 47

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 46

रात एक बजे एक गाड़ी कपूर मेंशन में आकर रूकी, स्टीफन उस गाड़ी में से बाहर निकला और पीछे का दरवाजा खोला तो अद्विक गाड़ी से बाहर निकल अन्दर की तरफ बढ़ गया, वहीं शेरा ने गाड़ी पार्क की और वो भी स्टीफन के साथ अन्दर अपने रुम की तरफ बढ़ गया,

अद्विक जल्दी से सीढियों से होते हुए ऊपर अपने रुम की तरफ गया और जाकर धीरे से दरवाजा खोला तो अन्दर देख पहले तो वो‌ हैरान हो गया पर फिर उसकी आंखें गुस्से से लाल हो गई,

अन्दर एक आदमी जिसने पूरे सिर से पांवों तक काले कपड़े पहने से और चेहरे पर भी मास्क लगा रखा था, उसकी सिर्फ आंखे दिखाई दे रही थी वो ईशा के ऊपर झुका ईशा का गला दबा रहा था वहीं ईशा उससे छूटने की कोशिश कर रही थी पर उस आदमी की पकड़ काफी मजबूत थी , इसलिए ईशा उससे छूट नहीं पा रही थी, वहीं जोर से गला दबाने की वजह से ईशा को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे,

दरवाजे खुलने की आवाज से उस आदमी ने दरवाजे की तरफ देखा तो अद्विक को देख वो घबरा गया, जब अद्विक उसकी तरफ बढ़ा तो वो जल्दी से ईशा को छोड़ खिड़की से कूद गया, अद्विक जल्दी से खिड़की के पास आया पर तब तक वो आदमी घर भी बांउड्री क्रोस कर दीवार कूद भाग गया,

वहीं उसकी स्किल्स देख अद्विक समझ गया कि वो कोई आम इंसान नहीं कोई प्रोफेशनल हैं,

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