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Chapter 120

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 119

अद्विक की बात सुनकर राम और अलका जी के साथ साथ पूरा परिवार भी हैरान हो गया,, जयराज जी को तो अब खुद पर और भी गुस्सा आ रहा था कि वो अद्विक की शादी तानिया से करवाना चाहते थे जिसने इतनी गिरी हुई हरकत करने के से पहले एक बार भी नहीं सोचा यहां तक कि इन सबमें उसका साथ उसके पिता ने दिया जिसे वो अपना सबसे अच्छा दोस्त समझते थे,,

तभी राम जो अद्विक को घूर रहा था वो दांत पीसते हुए बोला

राम:- इतना खुश मत हो कि तुम बच गए,, इतनी आसानी से तुम्हें छोड़ने वाला नहीं हूं,,‌ हर बार तुमने मेरा नुकसान किया है,, जिसकी भरपाई मैं तेरी जान लेकर करूंगा,, पर उससे पहले तुझे एक बात बता देता हूं,, जिस कंसाइनमेंट को रोकने की तू इतने दिन से कोशिश कर रहा है,, वो कंसाइनमेंट अपनी असली जगह जाने के लिए निकल चुका है,, और तुझे मारने के बाद मैं इस लड़की की शादी अपने बेटे से करवा कर इसकी पूरी प्रोपर्टी अपने नाम करूंगा और फिर इस लड़की को भी उन सबके साथ ही वहां भेजूंगा यहां रोज इसकी बोली लगेगी हर रात यह एक नए मर्द की बीवी बनेगी जो इसे,,,,

इसके आगे वो कुछ बोलता उससे पहले ही अद्विक ने गले को पकड़ लिया जिससे उसके आगे के शब्द उसके गले में ही अटक कर रहे गए,, वहीं उसे अपनी जलती निगाहों से देख रहा था अपनी शोना अपनी जान के बारे में ऐसी वाहियात बातें सुनकर उसका गुस्सा चरम पर पहुंच चुका था,, उसने राम के गले को पकड़े ही उसके चेहरे पर मुक्कों की बारिश कर दी,, राम के नाक मुंह से खून आने लगा था,, अद्विक ने उसे एक जोरदार मुक्का मारकर छोड़ा तो वो जमीन पर गिर गया,,

उसे देखते हुए अद्विक गुस्से में दांत पीसते हुए बोला

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