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Chapter 64

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 63

अगली सुबह अद्विक की आंख खुली तो उसने साइड में देखा अपने साइड में देखा तो ईशा को वहां ना देख वो जल्दी से उठकर बैठ गया, , वो इधर उधर देखने लगा तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और ईशा बाहर आई, अद्विक ने जब उसे देखा तो उसकी नजरें उसी पर जम गई,

ईशा ने वाइट बाथरोब पहन रखा था, उसके बाल जो गीले होने की वजह से जगह जगह से उसके बाथरोब को गीला कर रहे थे, ईशा अपने ध्यान टावल से अपने बालों को सुखा रही थी, इस बात से बेखबर के कोई उसे बड़ी ही शिद्दत से निहार रहा था,

अद्विक बैड से उठा और उसकी तरफ बढ़ गया, अचानक उसने पीछे से ईशा को अपनी बाहों में भर लिया, ईशा जो अपने बालों को सुखाने में बीजी थी अचानक ऐसे पकड़े जाने से घबरा गई पर अद्विक का एहसास पाकर वो शान्त हो गई,

अद्विक ने उसकी गर्दन में चेहरा छुपा लिया और उसे महसूस करने लगा, ईशा ने अभी अभी शावर लिया था जिससे उसके शरीर से आती शावर जेल की भीनी भीनी खुशबू अद्विक को मदहोश कर रही थी,

ईशा सिहर गई जब अद्विक ने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रख दिए, उसकी पकड़ उसके हाथों पर कस गई जो उसके पेट पर लिपटे थे, अद्विक बस उसकी गर्दन पर बेतहाशा चूमे जा रहा था, उसके होंठ ईशा की गर्दन से कब कंधों पर आ गए पता ही नहीं चला, ईशा की धड़कने बढ़ी हुई थी सांसें तेज चल रही थी, अद्विक ने उसकी कोलर बोन पर बाइट किया तो उसकी आह निकल गई,

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