Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 17

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 16

अगली सुबह

अद्विक की आंख आज जल्दी खुल गई, उसने ईशा की तरफ देखा जो बच्चों की खुद में सिमट कर सो रही थी, ब्लैंकेट जमीन पर गिरा हुआ था, अद्विक ने उसे देखा और उसकी तरफ बढ़ गया, उसने ब्लैंकेट जमीन से उठाया और ईशा को अच्छे से कवर कर दिया, बिल्कुल बच्चों की तरह लग रही थी, इस समय उसे देख अद्विक को वो कोई 19 साल की लड़की नहीं बल्कि कोई 5 साल की बच्ची लग रही थी, अद्विक मुस्कुरा दिया और कुछ टाइम तक वो‌ शान्ति से उसके चेहरे को निहारता रहा फिर धीरे से उसके पास बैठ उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ लिया और बोला

अद्विक:- जानता हूं आपके लिए आसान नहीं है पर मैं आपके फैसले की कद्र करूंगा, पर आपको कभी अकेला नहीं छोडूंगा हमेशा एक दोस्त बनकर आपके साथ रहूंगा, आप जो भी फैसला लेंगी, मुझे मंजूर होगा, हां लेकिन उम्मीद है कि आप हां ही कहें.....

यह बोल अद्विक खामोश हो गया कुछ टाइम ईशा को देखने के बाद वो उठकर वहां से चला गया, अद्विक स्टडी रूम में आया और फ्रेश होकर जिम रूम की तरफ बढ़ गया यहां शेरा और शक्ति पहले से मौजूद थे, अद्विक भी आकर अपनी एक्सरसाइज करने लगा ,

शक्ति और शेरा ने अद्विक को देख एक दूसरे की तरफ देखा , शक्ति अद्विक के पास गया और बोला

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
17 / 131
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.