Chapter 89
बेपनाह मोहब्बत - Chapter 88
रात का अंधेरा ढला और सुबह की रौशनी चारों तरफ फैलने लगी, ईशा ने अपनी आंखें खोली और धीरे से अटकती आवाज में बोली,
ईशा:- आ...आदि.. ,,
उसकी आवाज सुनकर अद्विक जो उसे बाहों में भरे किसी गहरी सोच में डूबा था उसने झट से उसकी तरफ देखा और उसके गाल को प्यार से छूते हुए बोला
अद्विक:- आप ठीक है शोना... कोई तकलीफ़ हो रही है.. मैं डाक्टर को बुलाऊं,
बेचैन सा वो अपनी शोना से सवाल कर रहा था, सारी रात उसने आंखों में ही निकाल दी, एक मिनट के लिए भी वो सोया नही था बस अपनी शोना को बाहों में भरे वो लेटा रहा, उसकी बात ईशा धीरे से बोली,
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