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Chapter 105

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 104

शाम का समय सब लोग ऑफिस से घर पहुंचे तो घर के सब लोग हॉल में बैठे आपस में बातें कर रहे थे,, अद्विक शेरा और शक्ति भी उनके पास जाकर ही बैठ गए,, सब लोग वहां थे बस ईशा को छोड़ कर पर अद्विक की नजर तो अपनी शोना को ही ढूंढ रही थी,, विधि ने जब उसकी बेचैन नजरों को इधर उधर भागते देखा तो बोली

विधि:- भाभी ऊपर अपने रुम में है,, थोड़ा थक गई थी तो आराम कर रही थी,,

अद्विक ने उसकी बात सुनी तो उठकर अपने रुम की तरफ बढ़ गया,, सब लोग उसे जाते देख मुस्कुरा दिए क्योंकि सबको पता था कि अद्विक घर आकर जब तक अपनी शोना को नहीं देखता तब तक उसे चैन नहीं मिलता,,

अद्विक अपने रुम में आया तो बेड पर सोई अपनी छोटी सी बीवी को देख क़तरा क़तरा आंखों में सुकून उतर आया,, सारी थकावट पल भर में दूर हो गई,, उसने अपना ऑफिस बैग और टाई निकाल कर सोफे पर रखी,, कोट वो पहले ही निकाल चुका था,, वो धीरे से चलकर बेड के पास आया और अपनी शोना को प्यार से देखने लगा जो बिल्कुल किसी मासूम बच्चे की तरह सो रही थी,,

उसने अपनी शर्ट को निकाला और ईशा के करीब होकर बेड पर लेट गया और उसे प्यार से निहारने लगा,, ईशा के पूरे चेहरे पर फिसलते फिसलते उसकी नज़र उसके छोटे से नाजुक गुलाब की पंखुड़ियों से होंठों पर ठहर गई,, अद्विक को अपना गला सुखता सा महसूस हुआ,, उसने अपनी नजर उसके होंठों से हटाने की कोशिश की

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