Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 71

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 70

ईशा अद्विक का हाथ पकड़ कर उसके पास बैठी थी, उसकी आंखें नम थी, डाक्टर ने अद्विक का चेकअप किया और उसे एक इंजैकशन लगा दिया, उन्होंने कुछ दवाइयां लिख कर दी और अद्विक का ध्यान रखने का बोलकर और कुछ और बातें बताकर चले गए, उनके जाने के बाद सब लोग रुम में आए,

शक्ति और शेरा ने ईशा को आराम करने के लिए कहा पर वो नहीं मानी और वहीं अद्विक के पास बैठी रही, अतुल जी के कहने पर सब लोग रुम से बाहर आ गए,

ईशा ने अद्विक को देखा जो ज्यादा बुखार की वजह से बेहोशी में था, उसे ऐसे देख ईशा की आंखों से आंसू बह रहे थे, अद्विक ने उसे तब सम्भाला था जब उसके पास कोई नहीं था जब वो जीने की उम्मीद भी छोड़ चुकी थी, और अद्विक को सिवाय उसका है ही कौन , ईशा ने अद्विक के हाथ को अपने माथे से लगा लिया और रोते हुए बोली

ईशा:- प्लीज़ उठ जाइए, मैं आपको ऐसे नहीं देख सकती, ,

वो ऐसे ही उसके पास बैठी रही और नम आंखों से उसे देखती रही, कुछ देर बाद उसने देखा कि अद्विक का बुखार अभी भी कम नहीं हुआ तो वो नीचे किचन में गई और एक बर्तन में ठंडा पानी ले आई, उसने अलमारी में से कॉटेन का एक छोटा टॉवल निकाला और उसे ठंडे पानी में भिगो कर उसके माथे पर पट्टियां रखने लगी,

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
71 / 131
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.