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Chapter 84

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 83

अद्विक जब रुम में आया तो ईशा उसे कहीं भी दिखाई नहीं दी, उसने पूरे रुम , बाथरूम यहां तक के बॉलकनी में भी देखा पर ईशा उसे कहीं दिखाई नहीं दी, उसे ना पाकर अद्विक को अजीब सी बेचैनी होने लगी,

उसने देखा कि ईशा नीचे से ऊपर रुम की तरफ ही आई थी पर फिर गई कहां, वो जल्दी से रुम में बाहर निकला और निधि और विधि के रूम की तरफ़ गया, उसने रुम में देखा पर वहां भी नहीं थी, निधि और विधि बैड पर सो रही थी पर ईशा नहीं थी,

अद्विक ने उसे पूरे घर में देखा वो उसे कहीं नहीं मिली, उसकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी, तभी उसकी टेरिस की सीढ़ियों पर गई यहां की लाइट चालू थी, अद्विक के कदम उस तरफ बढ़ गए, वो टेरिस पर आया तो सामने देख उसके दिल को सुकून मिला, सामने उसकी शोना टेरिस पर लगे झूले पर बैठी आसमान को देख रही थी, अब तक अद्विक का दिल जो बेचैनी से भरा हुआ था, अपनी शोना को देख वहां कतरा कतरा सुकून भरने लगा,

उसने गहरी सांस लेकर खुद को शांत किया और ईशा के पास जाकर वो ज़मीन पर उसके पैरों के पास बैठ गया और उसकी गोद में अपना सिर रख लिया, ईशा ने एक नजर उसे देखा पर कुछ नहीं और चेहरा सामने कर फिर आसमान को देखने लगी,

अद्विक भी उसकी गोद में सिर रखे शान्ति से बैठा रहा, कुछ टाइम की चुप्पी के बाद अद्विक ने बोलना शुरू किया,

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