Chapter 43
बेपनाह मोहब्बत - Chapter 42
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अगली सुबह सब लोग बैठ कर अपना अपना नाश्ता कर रहे थे, ईशा का चेहरा उतरा हुआ था जिसे हर कोई महसूस कर रहा था सब वजह जानते थे, पर किसी ने कुछ कहा नहीं,
नाश्ता करने के बाद अद्विक अपना बैग लेकर लीविंग रुम में खड़ा था, वो दादाजी दादीजी, अतुल जी और अलका जी से मिला , फिर उसने निधि और विधि की तरफ देखा और बोला
अद्विक:- तुम दोनों यहां आओ मेरे साथ
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