बेपनाह मोहब्बत - Chapter 48
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अगली सुबह आठ बजे सब लोग लीविंग रुम में बैठे थे, अलका जी बार बार ऊपर अद्विक के रूम की तरफ देख रही जिसका दरवाजा बंद था,, अतुल जी ने उनके कंधे पर हाथ रखा और बोले
अतुल जी:- फिक्र मत करो वो ठीक है अद्विक है उसके साथ ,
अल्का जी ने कुछ नहीं कहा बस हां में गर्दन हिला दी, सब लोग परेशान थे बस ईशा को एक बार देखना चाहते थे कि वो ठीक है या नहीं, निधि और विधि भी परेशान सी बस अद्विक के रुम की तरफ देख रही थी, ईशा के साथ साथ उन्हें अद्विक की भी फ़िक्र हो रही थी, क्योंकि और कोई समझे जा ना समझे पर वो दोनों अपने भाई को और उसके दिल को अच्छे से समझती थी,
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