बेपनाह मोहब्बत - Chapter 93
वहीं दूसरी तरफ निधि जो चलते हुए काफी आगे आ गई थी और बढ़ते हुए वहां रह तरह के फूलों को देख रही थी, तभी उसने अपने पीछे आहट महसूस की तो घबरा गई, उसने धीरे से पीछे घूम कर देखा तो स्टीफन को देख उसने राहत की सांस ली, पर फिर उसने उसकी तरफ से अपना चेहरा फेर लिया,
वहीं स्टीफन जो चलते हुए उसके पीछे आ गया था एक बार और उसकी बेरुखी देख उसको अच्छा नहीं लगा और इस बार वो दिल के हाथों मजबूर उसे पूछ ही बैठा,
स्टीफन:- नाराज़ हैं आप मुझसे?
निधि बिना उसकी तरफ देख भावहीन चेहरे के साथ बोली
निधि:- नाराज़ उनसे हुआ जाता है जिनसे कोई रिश्ता हो, और यहां तक मुझे याद है मेरा आपसे ऐसा कोई रिश्ता नहीं जिसमें हक से मैं आपसे नाराज़ हो सकूं,
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