बेपनाह मोहब्बत - Chapter 126
हल्दी के बाद ईशा अपने रुम में आती है और आइने के सामने बैठ अपने गहने उतारने लगती है,, गहने उतार वो कलोजेट में जाकर अपने कपड़े बदलती है और बाहर आकर फिर से आइने के सामने खड़ी होकर अपने पेट को देखने लगती है,, तभी अद्विक पीछे से उसे अपनी बाहों में भर अपना चेहरा उसके बालों को छुपाते हुए बोला
अद्विक:- क्या हुआ जान क्या देख रही है
ईशा उसके हाथों पर अपने हाथ रख जो उसके पेट थे बोली
ईशा:- आप हमेशा मुझसे ऐसे ही प्यार करेंगे ना,,
उसकी बात सुनकर अद्विक आईने में से उसकी तरफ देखता है जैसे पूछ रहा हो कि आज यह सवाल क्यों,, वहीं उसके सवाल को समझते हुए ईशा भी आइने में से उसे देखते हुए बोली
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