बेपनाह मोहब्बत - Chapter 62
दो दिन ऐसे ही निकल गए, यह दो दिन अद्विक और ईशा ने अपने फार्म हाउस पर ही बिताए क्योंकि ईशा की तबीयत ठीक नहीं थी, दो दिन बाद वो दोनों अपने घर लौटे, ईशा को देख कर निधि और विधि खुश हो गई और भाग कर उसके गले लग गई, ईशा भी उन्हें देख बहुत खुश थी, आखिर कुछ ही वक्त में उनकी बॉन्डिंग बहुत स्ट्रोंग हो गई थी, तीनों में बहनों जैसा प्यार था, ईशा फिर सबसे मिली, अद्विक ने पहले ही सबसे यह कह दिया था कि वो अपनी मीटिंग के लिए कहीं बाहर जाना है इसलिए ईशा को भी अपने साथ लेकर जा रहा है इसलिए किसी ने कुछ नहीं पूछा,
ईशा बाकी सब से भी मिली, अल्का जी ने भी ईशा को ढेर सारा प्यार किया, ईशा भी दो दिन बाद उनसे मिलकर बहुत खुश थी, आखिर हो भी क्यों न बचपन से मां के प्यार के लिए तरसी थी , अल्का जी ने उसकी उस कमी को पूरा कर दिया था,
रात का समय डिनर कर सब अपने अपने रूम में चले गए, अद्विक जब रुम में आया तो ईशा स्टडी टेबल पर बैठी पढ़ाई कर रही थी, अद्विक ने अपने कपड़े लिए और बाथरूम में चला गया, जब बाहर आया तो ईशा तभी भी पढ़ाई कर रही थी,
उसने टाइम देखा तो साढ़े ग्यारह बज रहे थे, वो ईशा के पास गया और उसकी बुक्स बन्द कर उसे अपनी गोद में उठा लिया, ईशा ने हड़बड़ा कर उसके गले में अपनी बाहें लपेट दी, अद्विक उसे लेकर बॉलकनी में आया और उसे गोद में लेकर वहां लगे झूले पर बैठ गया,
उसने ईशा का सिर अपने सीने पर रख लिया और उसकी कमर पर बाहें लपेट एक हाथ से उसके बालों को सहलाने लगा, ईशा ने कुछ नहीं कहा बस चुपचाप उसकी गोद में उसके सीने से लग कर बैठी रही,
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