Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 82

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 81

एक दिन ऐसे ही निकल गया, आज से ईशा, निधि और विधि के एग्जाम शुरू थे, अलका जी ने उन्हें दही चीनी खिलाई , बाकी सब ने भी उन्हें ऑल द बेस्ट कहा , ईशा ने सब बढ़ो के पांवों छूकर आशीर्वाद लिया, अद्विक वहीं खड़ा उसे प्यार से देख रहा था, जैसे ही ईशा ने जयराज जी की तरफ  गई अद्विक ने अपनी नजरें फेर ली , उसे बिल्कुल पसन्द नहीं था कि ईशा जयराज जी या फिर सुमन जी से ज्यादा घुले मिले, पर वो उसे रोक भी नहीं सकता था क्योंकि वो ईशा पर कोई जोर जबरदस्ती नहीं करना चाहता था,

जैसे ही ईशा जयराज जी के पैर छूने के लिए झुकी, उन्होंने उसे रोक दिया और बोले

जयराज जी:- बेटियां पांवों नहीं छूती गले लगती है,

यह बोल उन्होंने उसे अपने गले से लगा लिया और उसके बालों को सहलाते हुए बोले

जयराज जी:- जैसे निधि और विधि इस घर की बेटियां हैं वैसे ही आप भी इस घर की बेटी है, और बेटियों की जगह दिल में होती है, इसलिए आगे से कभी भी आप हमारे पांवों नही छुएंगी,

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
82 / 131
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.