बेपनाह मोहब्बत - Chapter 107
अद्विक ईशा को लेकर अपने कैबिन में आया और उसे सोफे पर बिठा कर खुद उसके पास बैठ गया,, उसने उसे पानी पिलाया और उसके रोने से हुए लाल चेहरे को देखने लगा ,, इस समय ईशा उसे और भी प्यारी लग रही थी,, उसके गाल और छोटी सी नाक लाल हो गए थे जिनमें वो अद्विक को बहुत क्यूट लग रही थी,, ईशा ने पानी पिया और गिलास सामने टेबल पर रख दिया,, तभी अद्विक ने एकदम उसकी कमर में हाथ डाल उसे अपनी गोद में बिठा लिया,, ईशा को तो कुछ समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या,, वो तो हैरानगी से अपनी आंखें बड़ी बड़ी कर अद्विक को देखने लगी जो अपनी हसरत भरी नजरें से उसे ही देख रहा था,,
उसकी ऐसी नज़रों को देख ईशा की सांसे तेज हो गई और धड़कनें तेजी से धड़कने लगी,, जो चेहरा कुछ समय पहले रोने की वजह से लाल था अब उस पर हया की लाली छाने लगी थी,, ईशा अद्विक की उन शोख नजरों का ताप सह नहीं पाई और उसने अपनी नजरें झुका ली,, उसकी इस अदा को देख अद्विक मुस्कुरा दिया,, उसने ईशा को अपने सीने से लगा लिया और उसके बालों को सहलाते हुए बोला
अद्विक:- मुझे आप ऐसे ही अच्छी लगती हैं,, हंसती मुस्कुराती और शर्माती हुई,, ना कि रोते हुए इसलिए आज के बाद मैं आपकी आंखों में आंसू नहीं देखना चाहता,,
ईशा ने कुछ नहीं कहा बस उसके सीने से लगी चुपचाप बैठी रही,, अद्विक ने भी अपनी आंखें बंद कर ली,, दोनों एक दूसरे को महसूस कर रहे थे, तभी कैबिन का डोर नोक हुआ,, जिसकी आवाज सुनकर दोनों अलग हुए,, अद्विक ने ईशा को वापिस सोफे पर बिठा दिया और उसके बालों को ठीक कर खुद भी सीधा होकर बैठ गया,, उसके चेहरे के एक्सप्रेशन अब बिल्कुल बदल चुके थे,, इस समय यह वो अद्विक था ही नहीं जो कुछ देर पहले अपनी शोना के सामने था ईशा उसे ही देख रही थी,, अद्विक ने अपनी सख्त आवाज में कम इन कहा तो शक्ति अन्दर आया और उसके सामने जाकर खड़ा हो गया,,
अद्विक ने उसकी तरफ देखा और बिना किसी भाव के बोला
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