बेपनाह मोहब्बत - Chapter 114
दो ऐसे ही बीत गए,, अद्विक के कहने पर शेरा ने अलका जी के ऊपर नजर रखनी शुरू कर दी थी जिसका अंदाजा उन्हें भी हो गया था,,
दो दिन बाद आदिश (अद्विक+ईशा) का रुम
अद्विक तैयार हो रहा था क्योंकि आज उसे एक मीटिंग के सिलसिले में इंडिया से बाहर जाना था,, ईशा बेड पर बैठी उदासी से उसे ही देख रही थी,, अद्विक ने उसे देखा तो उसे ऐसे उदास देख उसे भी अच्छा नहीं लगा पर उसका जाना जरूरी था,, वरना उसका भी मन अपनी प्रिंसेस को छोड़कर जाने का नहीं कर रहा था,,
वो चल कर ईशा के पास आया और उसके बेड पर बैठ गया ईशा ने उसकी तरफ देखा तो अद्विक ने उसके चेहरे को अपने हाथों में भरा और उसकी आंखों में देखते हुए बोला
अद्विक:- शोना अगर आप ऐसे उदास होगी तो मैं कैसे जा पाऊंगा ,, दो दिन की बात है बच्चे मैं जल्दी वापिस आ जाऊंगा,,,
Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.