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Chapter 11

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 10

ईशा को अद्विक के घर एक हफ्ता हो गया था, अब वो ठीक थी, हां शरीर के ज़ख्म तो भर गए थे पर उसके मन और रुह पर लगे ज़ख्मों को भरने में टाइम लगेगा जो किसी के प्यार और स्नेह से ही भर सकते हैं, जिस के लिए अद्विक दिन रात मेहनत कर रहा था,

वो ईशा को खून रखने की पूरी कोशिश कर रहा था जिससे उसका ध्यान पुरानी बातों पर बिल्कुल ना जाए , जिसमें शेरा और शक्ति उसका पूरा साथ दे रहे थे, अब उन दोनों की बात भी ईशा से होने लगी थी, ईशा अब उनसे डरती नहीं थी, बल्कि उनके साथ सहज हो गई थी,

वहीं आकाश बोखलाया हुआ था क्योंकि अद्विक ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर उसका और ईशा का डाइवोर्स करवा दिया था, पर आकाश चाह कर भी पता नहीं कर पाया था कि इसके पीछे कौन है, उसने ईशा को ढूंढने की कितनी कोशिश की पर उसे ईशा के बारे में जरा भी पता नहीं चल पा रहा था, वहीं उसके मामा मामी भी गायब थे जिस वजह से आकाश का गुस्सा और बढ़ रहा था,

पर उसे क्या पता इस सबके पीछे जो इंसान हैं उस तक पहुंचने की उसकी औकात भी नहीं है, वहीं उसके मामा मामी की हालत बहुत ज्यादा खराब थी, अद्विक के गार्ड्स उन्हें दिन रात टोर्चर करते, अब तो वो लोग उनसे उन्हें मारने की भीख मांग रहे थे, पर अद्विक उन्हें मरने भी नहीं दे रहा था,

अद्विक अपने ऑफिस में अपने कैबिन में बैठा अपना काम कर रहा था, शेरा और शक्ति वहीं मौजूद थे, वो लोग किसी डील को लेकर बात कर रहे थे, तभी उसके फोन की रिंग बजी, अद्विक ने स्क्रीन पर देखा तो घर का नम्बर था, उसने फोन रिसीव किया तो आगे से कुछ कहा गया अद्विक जल्दी से उठकर बाहर की तरफ भागा, वहीं शेरा और शक्ति भी उसे ऐसे जाते देख जल्दी से बाहर की तरफ भागे,

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