बेपनाह मोहब्बत - Chapter 58
अद्विक जो गुस्से में जीत की तरफ बढ़ रहा था, वो ईशा को अपने सीने से लगा देख रूक गया जो जीत से छूट कर अद्विक के सीने से लग गई थी और फूट फूटकर रो रही थी, अद्विक ने आंखे बन्द कर खुद को शांत किया और ईशा को अपनी बाहों में भर उसके सिर को सहला कर उसे शान्त करवाते हुए बोला
अद्विक:- बस शोना शान्त हो जाओ देखो मैं हूं ना तुम्हारे पास कुछ नहीं होगा बच्चा ,
पर ईशा का रोना बन्द ही नहीं हो रहा था वो बहुत ज्यादा रो रही थी, अद्विक ने जब देखा कि ईशा शान्त नहीं हो रही , अद्विक ने उसे खुद से अलग करने की कोशिश की पर ईशा ने उसे और कस कर पकड़ लिया जैसे उसे छोड़ते ही वो उससे दूर चला जाएगा, वो ऐसे ही रोते रोते बोली
ईशा:- उसने हमारा हाथ पकड़ा हमारे बाल भी खींचे, बहुत दर्द हो रहा है, उसने हमें क्रेकटरलेस भी बोला, बोला कि हम एक साथ तीन चार लड़कों के साथ,
यह बोल ईशा और रोने लगी और अद्विक को कस कर पकड़ लिया वहीं उसकी बातों को सुनकर अद्विक का गुस्सा आऊट ऑफ कंट्रोल हो रहा था वो गुस्से में जमीन पर पड़े जीत को घूरने लगा जैसे उसे अभी जान से मार देगा ,
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