बेपनाह मोहब्बत - Chapter 102
अगले दिन सब लोग फार्म हाउस से वापिस आ चुके थे सबकी लाइफ पहले की तरह ही थी, शक्ति शेरा अद्विक के साथ ऑफिस सम्भालते वहीं स्टीफन अद्विक का बाकी का काम देखता जो कि अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ था और साथ ही वो निधि को भी टाइम देने की कोशिश करता था,
दोनों की सुबह एक दूसरे की आवाज सुनकर होती और रात एक दूसरे से बातें करते हुए, स्टीफन चाहे कितना भी बीजी क्यों न हो पर रात को सोने से पहले वो जरुर निधि से बात करता था, वहीं कोई और भी था जो एक दूसरे के नज़दीक आ रहा था, यह कोई और नहीं हमारे शेरा बाबू और सानिया थे,
दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए जज़्बात थे पर दोनों ही कहने से हिचकिचा रहे थे पर दोनों एक दूसरे से बात करने का बहाना ढूंढ ही लेते थे, शेरा हमेशा कुछ ऐसा करता जिससे सानिया के चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान आ जाती जिसे देखकर शेरा के दिल को एक सुकून सा मिला जाता, जैसे आज भी उन सब को कॉलेज छोड़ने के बहाने शेरा उनके साथ ही गया था, उनकी गाडियां कॉलेज के सामने जाकर रुकी , एक गाड़ी में शक्ति स्टीफन निधि और निशा थे,
वहीं दूसरी गाड़ी में अद्विक और उसकी शोना थे जो पीछे बैठे थे और आगे की ड्राइवर की सीट पर शेरा बैठा था और उसके साथ वाली सीट पर सानिया बैठी हुई थी, गाड़ी में पार्टीशन ओन था जिस वजह से आगे वालों को पीछे का कुछ दिखाई नहीं दे रहा था वहीं पीछे वालों को आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, इसी बात का फायदा उठाकर हमारे शेरा बाबू ने सानिया का हाथ पकड़ लिया जब वो गाड़ी से बाहर निकल रही थी,
सानिया ने उसकी तरफ देखा तो उसने अपनी पॉकेट से एक बड़ी सी कैडबरी चॉकलेट निकाल कर सानिया के आगे कर दी , चॉकलेट देख कर सानिया के चेहरे पर एक बड़ी सी स्माइल आ गई क्योंकि मैडम को चॉकलेट बहुत पसन्द थी, उसे इतना खुश देखकर शेरा के चेहरे पर भी एक मुस्कान आ गई, तभी सानिया ने कुछ ऐसा किया जिससे हमारे शेरा बाबू अपनी जगह पर जम गए, ऐसा लगा जैसे एक पल को धड़कनें रूकी और फिर तेज स्पीड में धड़कनें लगी,
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