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Chapter 125

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 124

अद्विक ईशा को लेकर रुम में आया और उसे धीरे और प्यार से बैड पर बिठा दिया,, फिर उसने अलमारी से ईशा के लिए एक कम्फ़र्टेबल ड्रेस निकाली और ईशा के पास आया तो देखा वो एक हाथ से अपने पांवों को दबा रही थी और एक हाथ से अपनी कमर को धीरे धीरे से दबा रही थी,,, अद्विक ने उसके पांवों को देखा जो सूज गए थे,, अक्सर प्रेग्नेंसी में ऐसा होता है,, अद्विक ईशा को ड्रेस देकर चेंज करने के लिए कहा और खुद कमरे से बाहर चला गया,,

ईशा ने भी कपड़े लिए और चेंज करने चेंजिंग रूम में चली गई,,, ईशा ने कपड़े चेंज किए और रुम में आ गई,, उसी टाइम अद्विक रुम में आया उसके हाथ में एक ट्रे थी जिसमें एक गिलास और एक कटोरी थी,, उसने ट्रे साइड टेबल पर रखी और गिलास उठाकर ईशा को दे दिया जिसमें दूध था,,,, ईशा ने उसे देख मुंह बनाया पर फिर गिलास मुंह को लगा लिया और दूध पीने लगी,, वहीं अद्विक ने खुद कटोरी ली और बेड पर ईशा के पैरों के पास बैठ गया,, उसने ईशा के पांवों को अपनी गोद में रखा और कटोरी में से तेल लेकर उसके पांवों की मसाज करने लगा,,

ईशा ने उसे ऐसा करते देखा तो जल्दी से अपने पांवों पीछे खींचते हुए बोली

ईशा:- यह क्या कर रहे हैं आप,, मेरे पांवों को क्यों हाथ लगा रहे हैं,,

अद्विक ने फिर उसके पांवों को पकड़ा और अपनी गोद में रख मसाज करते हुए बोला

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