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Chapter 124

बेपनाह मोहब्बत - Chapter 123

रात का वक्त ,, अचानक अद्विक की नींद खुली तो उसने अपने पास देखा पर ईशा को अपने पास ना देख वो घबरा गया,, वो जल्दी से उठा और बाथरूम बॉलकनी सब चेक किया पर वो उसे कहीं नहीं मिली,, वो जल्दी से अपने रुम से बाहर आया और हर जगह ईशा को देखने लगा पर वो उसे कहीं भी नहीं दिखाई दी,, अद्विक बहुत घबरा गया,, उसने जल्दी से शक्ति और शेरा को फोन किया वो दोनों भी उठकर लीविंग रुम में आ गए,, देखते ही देखते सब लोग उठ गए और ईशा को ढूंढने लगे,, स्टीफन ने गार्ड को बुलाया और उससे पूछा तो उसने बताया कि उसने ईशा को कहीं बाहर जाते हुए नहीं देखा था,, ,, पूरे घर में ढूंढने के बाद भी ईशा कहीं नहीं मिल रही थी,, अद्विक का डर और उसकी घबराहट बढ़ती जा रही थी क्योंकि अब उसकी शोना अकेली नहीं थी उसके अन्दर एक नन्ही सी जान पल रही थी,, ऐसे में वो कहां जा सकती है,,

तभी एक सर्वेंट भागते हुए उनके पास आई और बोली

सर्वेंट:- सर वो मैडम, वो किचन में,,

उसकी बात सुनकर सब लोग किचन की तरफ भागे ,, वहां जाकर देखा तो सबके चेहरे पर मुस्कान आ गई,, वहीं अद्विक जिसका दिल घबराहट और बेचैनी से भरा हुआ था अब वहां सुकून भरने लगा,, जिसे वो लोग पूरे घर में ढूंढ रहे थे वो किचन में स्लैब के नीचे बैठी बैठी सो रही थी,, मेडम के हाथ में आइसक्रीम का डिब्बा था और चेहरे पर भी आइसक्रीम लगी हुई थी,, मतलब वो आइसक्रीम खाते हुए वहीं सो गई थी,,

विधि ने ईशा की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली

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