Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 94

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 94 (अंतिम भाग)

रूद्र :- यह अपने ठीक नहीं किया मिर्सेज वसुन्द्रा प्रताप सिंह ,, मेरी बीवी और बच्चों को तकलीफ देकर बिल्कुल अच्छा नहीं किया ,, आज तक आपका लिहाज़ करता रहा सिर्फ इसलिए क्यूंकि अपने मुझे जनम दिया था ,, पर अब नहीं ,, मेरी बीवी की तकलीफ का हिसाब तो आपको देना होगा ,, 

उसने प्रवीण को कुछ कहा तो प्रवीण जी बॉस बोल वहां से चला गया ,, रूद्र कुछ पल वही खड़ा रहा फिर खुद कको शांत कर वापिस आस्था के पास चला गया ,, रूद्र आस्था के पास आकर बैठ गया और उसके माथे पर हाथ फेरने लगा ,, कुछ देर बाद आस्था को होश आने लगा ,,, आस्था की आँखें खुली तो सबसे पहले रूद्र का चेहरा उसकी नजरों के सामने आया जो बेचैनी से उसे ही देख रहा था ,, उसे देख आस्था रोने लग गई ,, रूद्र ने प्यार से उसका माथा चूमा और बोला ,, 

रूद्र :- बस जान सब ठीक है ,, 

आस्था :- रूद्र जी ,,, 

रूद्र :- shhhh ,, बिल्कुल शांत ,  चुप जाइये अभी आप कमजोर है इसलिए बस आराम कीजिए ,, 

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
4 likes 3 comments
Next Chapter →
94 / 94
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.