सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 91
ऐसे ही दिन बीतने लगे अब आस्था को आठवा महीना लग चूका था सिर्फ एक महीना बचा था उसकी डिलीवरी में ,, लेकिन इसके साथ ही उसकी तकलीफ भी बढ़ चुकी थी ,, अब न तो वो बिना किसी की मदद के उटज सकती थी न लेट सकती थी ,, जिस वजह से आता कभी कभी चिड जाती और रो पढ़ती पर रूद्र हर बार उसे प्यार से सम्भाल लेता ,, वो हमेशा उसके पास ही रहता था उसने ऑफिस जाना बिल्कुल बंद कर दिया था और घर से ही अपना काम देख रहा था ,, बाहर का जितना भी काम था वो सभी प्रवीन ही करता था ,,
सुबह का वक़्त आठ बजे आज आस्था की गोद भराई थी पर वो अभी तक सो रही थी ,, रूद्र तो कब का उठ चूका था पर आस्था को बाहों में लिए ऐसे ही लेटा हुआ था ,, क्यूंकि रात को पेट में दर्द की वजह से वो बहुत लेट सोई थी ,, इसलिए रूद्र ने उसे अभी तक उठाया नहीं था , बस उसे बाहों में भरे लेटा हुआ था ,, कुछ देर बाद वो आस्था के बालों को सहलाते हुए उसे उठाते हुए बोला ,,
रूद्र :- जान उठिए देखिये कितना टाइम हो गया ,,
उसकी आवाज सुनकर आस्था थोडा सा कसमसाई और फिर से पकड़ कर सो गई ,, रूद्र उसे फिर से उठाते हुए बोला ,,
रूद्र :- जान आज गोद भराई है आपकी ,,,
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