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Chapter 45

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 45

सुबह के आठ बजे आस्था की आंखें खुली तो उसने खुद को किसी की बांहों में पाया एक पल को तो वो घबरा गई पर जब उसने अपना चेहरा ऊपर कर देखा तो रुद्र का चेहरा देख वो शान्त हो गई और प्यार से उसे देखने लगी जो उसे बाहों में भरे सुकून से सो रहा था,, इस समय वो बहुत प्यारा लग रहा था,, तभी आस्था को रात में प्राग का उसके साथ जबरदस्ती करना याद आया तो उसकी आंखें नम हो गई पर फिर रुद्र का उसे उससे बचाना और संभालना फिर दोनों के बीच के वो खूबसूरत पल याद कर उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई और चेहरा शर्म से गुलाबी हो गया,,

उसने खुद की हालत देखी तो वो अभी भी ऐसे ही रुद्र की बांहों में थी,, दोनों के बदन पर बस एक ब्लैंकेट था और कुछ नहीं,, आस्था को अब रुद्र से बहुत शर्म आ रही थी,, उसने धीरे से खुद को रुद्र की पकड़ से आजाद किया और उठने लगी पर दर्द की वजह से उठ नहीं पाई और उसके मुंह से एक आह निकल गई ,,, वहीं उसकी आह की आवाज सुनकर रुद्र की भी नींद खुल गई ,, उसने आस्था की तरफ देखा जो आंखों को भींचे अपने दर्द हो कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी,,

रुद्र जल्दी से उठकर बैठ गया और उसने आस्था को भी उठाकर अपनी गोद में बिठा लिया और उसके बालों को सहलाते हुए बोला

रुद्र:- जान ज्यादा दर्द हो रहा है,, सॉरी मेरी वजह से आपको इतना दर्द हुआ,,

यह बोलते समय उसकी आवाज में एक गिल्ट था , जिसे महसूस कर आस्था ने उसकी तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली

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