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Chapter 27

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 27

रुद्र आस्था को लेकर अपने रुम में आया और उसे धीरे से बैड पर बिठा दिया,,, उसने धीरे से उसके पांवों को पकड़ कर बेड पर रखा और फिर फर्स्ट एड बॉक्स लेकर खुद उसके पांवों के पास बैठ गया ,, उसने धीरे से उसके पांवों को पकड़ कर अपने पांवों पर रखा और बहुत धीरे से कॉटन से उसके पांवों को साफ करने लगा,,, आस्था बस उसे ही एक टक देख रही थी जिसकी आंखों और चेहरे पर आस्था के पांवों के ज़ख्म देख दर्द उतर आया था,, आस्था ने उसे देखा और धीरे से बोली,,

आस्था:- मैं ठीक हूं आप परेशान मत होइए,,

रुद्र ने कुछ नहीं कहा बस चुपचाप उसके पांवों के ज़ख़्मों को साफ करता रहा,,, आस्था को दर्द तो हो रहा था पर रूद्र के सामने वो शान्ति से बैठी रही क्योंकि वो अब तक इतना तो समझ चुकी थी कि उसे दर्द में देख रुद्र को तकलीफ़ हो रही है,, और दूसरी बात वो नहीं चाहती थी कि रूद्र फिर से गुस्सा करें इसलिए उसने तकलीफ़ होने के बावजूद कुछ नहीं कहा,,पर उसके चेहरे को देखकर रुद्र समझ गया था कि उसे तकलीफ़ हो रही है इसलिए वो बहुत ही आराम से उसके ज़ख़्मों को साफ कर रहा था,, अच्छे से उसके ज़ख़्मों को साफ करने के बाद उसने उन पर दवाई लगाई और पट्टी बांध दी,,,

फिर उसने धीरे से आस्था के पांवों को बेड पर रखा और उनके नीचे तकिया लगा दिया,, और उसे आराम करने का बोल वो वहां से जाने लगा पर आस्था ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोली

आस्था:- कहां जा रहे हैं आप,,

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