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Chapter 8

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 8

कुछ देर बाद रुद्र की गाड़ी उसके मेंशन पहुंची, दरअसल रुद्र का घर इंदौर में भी था, वो जब कभी काम के लिए यहां आता तो यही अपने मेंशन में रहता, उसे हॉटेल में रहना पसंद नहीं था, इसलिए उसने अपने लिए यहां पर एक घर खरीद लिया था,

प्रवीण गाड़ी से उतरा उसने रुद्र की तरफ का दरवाजा खोला तो रुद्र बाहर आया और खड़ा हो गया, वो आस्था के गाड़ी से बाहर निकलने का इंतजार करने लगा, पर आस्था को तो कोई होश ही नहीं था, वो एकटक बस शून्य में देखें जा रही थी, उसकी आंखों से आंसू अभी भी बह रहे थे, उसे सब कुछ याद आ रहा था, अजीत का उसके साथ जबरदस्ती करना , रूद्र का उसको बचाना, आरती जी की कड़वी बातें, रुद्र का उसकी मांग भरना और उसके साथ फेरे लेना, सब कुछ किसी रील की तरह उसकी आंखों के सामने घूम रहा था,

वही बाहर रुद्र कब से आस्था के बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था, पर उसे बाहर निकलते ना देख , उसने आस्था की तरफ दरवाजा खोला और आस्था को देखने लगा, जो एकटक शून्य में देख रही थी, उसकी आंखों में आंसू देख रूद्र को अच्छा नहीं लग रहा था, उसने धीरे से आस्था को आवाज दी,

रुद्र:- घर आ जाइए, घर आ गया है,

पर आस्था ने कोई जवाब नहीं दिया वो अभी एक ही जगह में देखते हुए कुछ सोच रहा थी, उसके जवाब ना देने से रुद्र को गुस्सा आने लगा, उसका मूड पहले ही खराब था, आरती जी की बातें और उनका आस्था को मनहूस बोलना उसे अच्छा नहीं लगा था, और वो सब बातें अभी भी उसके कानों में गूंज रही थी,

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