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Chapter 28

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 28

रुद्र की बात सुनकर आस्था हैरान रह गई वो अपनी आंखों को बड़ा बड़ा किए उसे देखने लगी तो रुद्र प्यार से उसके गाल सहलाते हुए बोला

रुद्र:- यही सच है मुझे आपसे प्यार हो गया है,,, आप इस दिल की धड़कन बन गई है आपके बिना रहना अब मुमकिन नहीं है मेरे लिए,, पर फिर भी आप पर कोई दवाब नहीं है,, यह जरूरी नहीं कि मैं आपसे प्यार करता हूं तो आप भी मुझसे प्यार करो,, आप मेरे साथ है मेरे लिए वही बहुत है,, पर हां मैं इंतजार करूंगा उस दिन का जिस दिन आपको भी मुझसे प्यार हो जाए ,, तब तक हम दोनों वैसे ही रहेंगे जैसे पहले रहते आए हैं,,

यह कहकर उसने आस्था का माथा चूम लिया और फिर बिस्तर पर लिटा कर रेस्ट करने का बोल खुद रुम से बाहर निकल गया,, आस्था बस उसे जाते हुए देखती रही,, फिर वो खुद से ही बोली

आस्था:- आप बहुत अच्छे हो रुद्र जी,, मुझे नहीं पता कि मैं आपसे प्यार करती हूं या नहीं,,, या फिर आगे कर पाऊंगी या नहीं पर इतना पता है कि आप मेरे पति हो ,, और मैं आपको हर वो खुशी दूंगी जिसके आप हकदार हो ,, मैं हमेशा आपके साथ रहूंगी कभी आपसे दूर नहीं जाऊंगी,, वैसे भी अब आपके बिना मेरा है ही कौन ,,

यह बोल वो शान्त हो गई और कुछ सोचते सोचते नींद के आगोश में चली गई,, वहीं रुद्र जब नीचे पहुंचा तो दादी मालती जी और वसुंधरा के साथ साथ उनके पति रौनक जी भी वही थे,, रुद्र ने उनपर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और जाकर वहां रखे सिंगल सोफे पर राजा की तरह पैर पर पैर चढ़ाकर बैठ गया,, दादी ने उसे देखा तो आस्था की फ़िक्र करते हुए बोली

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