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Chapter 31

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 31

शाम लगभग पांच बजे आस्था की नींद खुली,, वो उठकर बैठ गई और इधर उधर देखने लगी पर उसे रुद्र कहीं भी दिखाई नहीं दिया,, आस्था को बाथरूम जाना था पर पांवों में चोट की वजह से वो अकेले जा नहीं सकती थी क्योंकि रुद्र ने उसे पहले ही कहा था कि वो अपने पांवों पर वजन नहीं डालेगी,, अपनी जिद्द की वजह‌ से उसने अपनी पहली रसोई की रस्म तो कर ली उसमें भी रुद्र ने उसे पांवों पर वजन डालने नहीं दिया बल्कि पूरा टाइम किचन में उसके पास रहा और उसकी खाना बनाने में मदद भी की,, पर अब अगर उसने अपने पांवों पर वजन डाला तो पता नहीं रुद्र क्या करेगा,, यही सब सोचते हुए आस्था खुद से बोली

आस्था:- अब क्या करे,, अगर खुद उठकर गए तो रुद्र जी गुस्सा करेंगे,, और वैसे भी उनका गुस्सा बहुत ख़तरनाक लगता है,, पर हम क्या करें हमें बाथरूम जाना है,,

आस्था अपने ख्यालों में खोई यह सब बोल ही रही थी जब रुद्र ने उसे एकदम अपनी गोद में उठा लिया,, आस्था एकदम घबरा गई और उसके गले में अपनी बाहें लपेट दी,, तभी उसने रुद्र की तरफ देखा जो मुस्कुराते हुए उसे ही देख रहा था,, आस्था उसे देख बोली

आस्था:- आप कब आए आप तो रुम में नहीं थे,,

रुद्र ने उसे बाथरूम में लेजाकर धीरे से नीचे उतारा और बोला

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