Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 44

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 44

आस्था को प्यार से समझा कर रुद्र जल्दी से चेंजिंग रूम में जाता है और दो मिनट में कपड़े बदल बाहर आ जाता है,, जैसे ही वो बाहर आता है वो देखता है कि आस्था अभी भी वहीं खड़ी आंसू भरी आंखों से चेंजिंग रूम की तरफ देख रही थी,,,

रुद्र जल्दी से उसके पास आया और उसके चेहरे को हाथों में भर उसके आंसू पोंछते  हुए बोला

रुद्र:- आप रो क्यों रही हैं,, मैंने बोला था ना आपको कि मैं बस दो मिनट में आ रहा हूं,,

यह बोल वो उसे हाथ पकड़ बेड के पास ले आया और उसे बेड पर लिटा कर खुद भी उसके पास लेट उसे अपनी बाहों में भर लिया,, रुद्र उसके सामने बिल्कुल नोर्मल रहने की कोशिश कर रहा था ताकि आस्था का ध्यान वापिस उस बात पर ना जाए,, पर यह वही जानता था इस समय उसे प्राग पर कितना गुस्सा आ रहा था,, उसका मन कर रहा था कि वो अभी जाए उसे जान से मार दे,,, उसे इतना तड़पाए कि वो फिर कभी किसी लड़की की तरफ आंख उठाकर ना देखे,, पर अभी वो खुद को शांत किए बस आस्था को संभालने में लगा था क्योंकि उसे पता था कि अभी उसकी जान को उसकी ज्यादा जरूरत है,,

रुद्र बस बाहों में भरे उसके बालों को सहला रहा था,, आस्था का चेहरा इस वक्त उसके सीने पर था आस्था ने उसे कमर से बहुत ही टाइट पकड़ा हुआ था जैसे उसके छोड़ते ही वो उससे कहीं दूर चला जाएगा,, रुद्र भी उसकी पकड़ महसूस कर रहा था पर उसने कुछ नहीं कहा बस उसने  भी मजबूती से आस्था को अपने सीने से लगा लिया,, तभी उसे अपने सीने पर कुछ गीला महसूस हुआ,, उसने आस्था को खुद से अलग किया और उसका चेहरा देखा जो आंसुओं से भीगा हुआ था,, उसे ऐसे देख रुद्र को बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था,, उसने उसके आंसूओं को साफ किया और प्यार से उसका माथा चूमते हुए बोला

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
44 / 94
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.