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Chapter 51

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 51

रुद्र के जाने के कुछ देर बाद आस्था भी तैयार हो कर मॉल के लिए निकल जाती है यहां पर दादी मां और चाची ने उसे आने के लिए कहा होता है,, आस्था के निकलते ही एक सर्वेंट जो वहां काम कर रहा होता है वो पिल्लर के पीछे छिपकर अपने फोन से किसी को फोन करता है,, जैसे ही सामने वाला फोन उठाता है तो वो इधर उधर देखते हुए बोलता है

सर्वेंट:- साहब वो यहां से निकल चुकी है,, ,,, जी अभी पांच मिनट पहले ही निकली है,,,, जी साहब,, जी शुक्रिया,,,

यह बोल वो फोन कट कर अपनी जेब में रख लेता है बिना किसी की नजरों में आए वापिस अपनी जगह पर आकर काम करने लगता है,,,

लगभग आधे घंटे बाद आस्था की गाड़ी एक बड़े से मॉल के सामने जाकर रुकती है,, आस्था गाड़ी से बाहर निकल अन्दर की तरफ बढ़ जाती है वहीं चार गार्ड भी उसके साथ थे,, सब लोग उसे ही देख रहे थे,, आस्था को बहुत अजीब लग रहा था पर वो कुछ नहीं कर सकती थी क्योंकि रुद्र ने सख्ती से उससे कहा था कि वो बिना सिक्योरिटी के कहीं नहीं जाएगी,, इसलिए वो जल्दी से लेडिज सेक्शन की तरफ जाती है यहां पर पहले से ही दादी मां और चाची उसका वेट कर रहे थे और उनके साथ ही वसुंधरा भी मौजूद थीं,,  

आस्था को आता देख वसुंधरा का मुंह बन जाता है पर वो अपनी सास की वजह से कुछ कह नहीं सकती थी,, आस्था दादी मां और चाची के पांवों को छूती है पर वसुंधरा जी को वो इग्नोर कर देती है जिसे देख वसुंधरा जी गुस्से से लाल हो जाती है,, और आस्था को देखते हुए गुस्से में बोलती है,,

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