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Chapter 55

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 55

रात के लगभग ग्यारह बजे रुद्र की गाड़ी एक सुनसान जगह पर रुकी ,, पेड़ पौधों के बिना उस जगह और कुछ भी नहीं था सिवाय एक खंडहर के,,, प्रवीण गाड़ी से बाहर आया और उसने पीछे का दरवाजा खोला तो रुद्र अपने रौबीले अवतार में बाहर आया और अन्दर की तरफ बढ़ गया,, प्रवीण भी उसके पीछे ही था,,

अनदर बहुत सारे गार्ड्स ब्लैक ड्रेस पहने खड़े थे,, रुद्र को देख सबने सिर झुका लिया पर रूद्र ने सबको इग्नोर किया और अन्दर की तरफ बढ़ गया,, बाहर से यह जगह जितनी बेकार थी अंदर से उतनी ही हाइटेक और डरावनी लग रही थी,,हर जगह हाइटेक टैक्नोलॉजी के कम्प्यूटर लगे हुए थे जिनके सामने बैठे लोग लगातार उसे पर उंगलियां चला रहे थे,, रुद्र उन सबमें से निकलते हुए एक रुम के बाहर आकर गार्ड ने दरवाजा खोला तो रुद्र और प्रवीण अन्दर आ गए,,, रुद्र जाकर वहां रखी एक बड़ी सी चेयर पर बैठ गया जिसके पीछे डेविल का निशान बना हुआ था,,, प्रवीण वहीं उसके पीछे हाथ बांध कर खड़ा हो गया,,,

रुद्र ने एक गार्ड को कुछ इशारा किया और खुद सिगार निकाल उसके कश भरने लगा,, तभी दो गार्ड्स एक आदमी को खींच कर वहां लेकर आए और उसे रुद्र के पैरों में फेंक दिया,,, उस आदमी को देख ऐसा लग रहा था जैसे उसे बहुत टोर्चर किया गया हो ,, चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान थे जिनमें से खून निकल कर सूख चुका था तो किसी जख्म में खून रिस रहा था,,,

रुद्र ने उस आदमी को देखा तो उसकी आंखें गुस्से में लाल होने लगी,, हाथों और माथे की नसें दिखाई देने लगी,, उसने सिगार का एक गहरा कश भरा और झुक कर उस आदमी के बालों को पकड़ उसका चेहरा ऊपर किया और धूंआ उसके चेहरे पर छोड़ दिया,,,

उस आदमी ने जैसे ही रुद्र का चेहरा देखा तो डर से कांप गया, ,, रुद्र ने उसके बालों को मजबूती से पकड़ा और उसे घूरते हुए बोला

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