सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 67
रुद्र आस्था को सीने से लगाए खड़ा समायरा की तरफ गुस्से से देख रहा था,, गुस्से की वजह से उसकी आंखों का रंग पूरा लाल हो चुका था,, हाथों और माथे की नसें दिखाई देने लगी थी,, उसने आस्था को खुद से अलग किया और उसे लेजाकर वहां रखे बड़े से सोफे पर बिठा दिया,, उसने प्यार से आस्था का माथा चूमा और उसके गाल को सहलाते हुए बोला
रुद्र:- बस जान बस पन्द्रह मिनट फिर हम अपने घर चलेंगे,,,
उसने एक और बार आस्था का माथा चूमा और समायरा की तरफ घूमा ,, आस्था को देख जो कोमल भाव उसकी आंखों और चेहरे पर थे समायरा को देखते ही उन पर फिर से सख्ती आ गई थी और आंखें फिर गुस्से से लाल होने लगी थी,, वो चलते हैं समायरा के पास आया,, उसके चेहरे पर गुस्सा देख और उसे अपने पास आता देख समायरा का डर से बुरा हाल हो गया पर उसने अपने चेहरे पर नहीं आने दिया,, वो उसे देख मुस्कुराते हुए बोली
समायरा:- रुद्र मुझे पता है बेबी तुम आज भी मुझसे प्यार करते हो,, आखिर कोई अपना पहला प्यार कैसे भूल सकता है,, यह लड़की ,, यह लड़की बस तुम्हारी ज़रूरतें पूरी करने के लिए है,, मुझे पता है,, पर अब तुम फिक्र मत करो अब मैं आ गई हूं ना,, अब मैं तुम्हारी हर जरूरत को पूरा करूंगी तुम्हें बहुत सारा प्यार करूंगी,, हम दोनों बिल्कुल वैसे ही साथ रहेंगे जैसे पहले रहते थे,, इस लड़की की फ़िक्र तुम मत करना,, इसको तो मैं इसकी असली जगह पहुंचा ही दूंगी,, कुछ देर में मेरे क्लाइंट आने वाले हैं,, वो इस लड़की को अपने साथ ले जाएंगे और इसकी अच्छी खासी कीमत हमें मिल जाएंगी,, फिर हमें किसी बात की कोई टेंशन नहीं होगी,,,
समायरा अपनी ही धुन में बोले जा रही थी,, उसने रुद्र की तरफ ध्यान ही नहीं दिया जिसका चेहरा उसकी बातें सुनकर गुस्से से काला पड़ता जा रहा था,, पर उसकी आखिरी की बात सुनकर कि वो आस्था की कीमत लगाएगी,, रुद्र का गुस्सा आऊट ऑफ़ कंट्रोल हो गया,, उसने समायरा को उसकी गर्दन से पकड़ा और जमीन से ऊपर उठा दिया,, समायरा के पैर जमीन से ऊपर थे ,, उसकी सांसें रुक रही थी,, सांस ना आने की वजह से उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे,, वो लगातार रुद्र से छूटने की कोशिश कर रही थी पर रुद्र की पकड़ काफी मजबूत थी वो उसे देखते हुए अपनी गुस्से भरी आवाज में बोला
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