Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 23

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 23

आस्था और रुद्र एक दूसरे की बांहों में सिमटे खड़े थे जब दादी के झूठा मूठआ खांसने पर दोनों जल्दी से अलग हो गए,, आस्था तो जल्दी से चाय का बहाना बना कर किचन में चली गई वहीं रुद्र भी झेंप कर इधर उधर देखने लगा,, दादी मां और चाची उसे देखकर मुस्कुरा दी और जाकर सोफे पर बैठ गई,,

रुद्र उनके पास जाकर एक सिंगल सोफे पर बैठ गया और अपना निकाल कर चलाने लगा,, पर उसका ध्यान तो किचन की तरफ ही था यहां अभी अभी आस्था गई थी,, दादी और चाची उसकी आंखों की बेकरारी देख रही थी पर दोनों ने कुछ नहीं कहा,,

वहीं किचन में आस्था अपनी सांसों को संभालने की कोशिश कर रही थी,, उसने अपने दिल पर हाथ रख कर अपनी धड़कनों को महसूस किया जो रोलर कोस्टर की तरह भाग रही थी,, उसे बहुत शर्म आ रही थी वो यही सोच रही थी कि दादी और चाची क्या सोचेगी वो ऐसे कैसे उनके सामने रुद्र की बांहों में खड़ी थी,,, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था,, उसे रोते देख रुद्र बेचैन हो गया था इसलिए उसे शान्त करवाने के लिए उसने आस्था को अपने सीने से लगा लिया था,, पर फिर उसने अपने ख्यालों को झटका और रुद्र के लिए कॉफी और बाकी सबके लिए चाय बनाने लगी,,

वहीं बाहर दादी ने रुद्र की तरफ देखा जो अपने फोन में ऑफिस के मेल्स चैक कर रहा था,, उसे देख दादी बोली,,

दादी:- अब आप बताएंगे आपने अचानक शादी क्यों की,, जब कि जितनी बार हमने आपसे शादी बात की आपने हर बार हमें मना कर दिया,, फिर इस बार ऐसा क्या हुआ कि आपने सीधा शादी ही कर ली और हम में से किसी को बताना भी जरूरी नहीं समझा,,

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
23 / 94
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.