सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 87
शादी खत्म होते होते रात हो गई ,, सबने एक साथ डिनर किया और दादी ने सबको सोने के रूम में भेज दिया ,, आस्था भी रोमा को लेकर प्रवीण के रूम में चली गई ,, उसने रोमा को प्रवीण के रूम में छोड़ा और खुद अपने रूम में चली गई ,, वही रोमा ने जैसे रूम को देखा उसकी धड़कने बाद गई ,, पूरा रूम बहुत ही अच्छे से डेकोरेट किया गया था ,, हर तरग कैंडल्स जल रही ,, बिस्तर पर गुलाब की पंखुडियां बिखरी हुई थी ,, पुरे रूम में जमीन पर भी गुलाब की पंखुडियां बिखरी हुई थी ,, रोमा रूम को देख ही रही थी जब रूम का दरवाजा खुला और फिर बंद हो गई ,, रोमा की हिम्मत नहीं हुई घूम कर उस तरफ देखने की ,, वो बस नज़रें झुकाए वैसे ही खडी रही ,, वही प्रवीण उसके पास आया और उसे पीछे से अपनी बाहों में भरते हुए बोला
प्रवीण :- तुम खुश तो हो न ??
रोमा ने कुछ नहीं बस वैसे खडी रही ,, परवीन ने उसे अपनी तरफ घुमाया और उसके चेहरे को हाथों में भरते हुए बोला
प्रवीण :- i love you Roma बहुत प्यार करता हूँ मैं तुमसे और आज में यह प्यार तुम्हे जताना भी चाहता हूँ ,, क्या मुझे इजाजत है ,,
रोमा जिसका चेहरा प्रवीण की बात सुनकर शर्म से लाल हो गया था ,, उसने कुछ नहीं कहा बस मुस्कुराते हुए उसके सीने से लग गई ,, उसकी यह मौन स्वकृति देख प्रवीण मुस्कुरा दिया ,, उसने उसे अपनी गोद में उठाया और लेकर बेड की तरफ बढ़ गया ,, कुछ ही देर में दोनों अपने प्यार की हसीं दुनिया में खो गए ,, जहाँ उन दोनों और उनके प्यार अलावा और कोई नहीं था ,,
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