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Chapter 78

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 78

आस्था बिस्तर पर घुटनों में मुंह घुसाए बैठी हुई थी,, उसे रुद्र की बहुत याद आ रही थी,, वो जल्द से जल्द रुद्र के पास जाना चाहती थी पर उसे पता था यह इतना भी आसान नहीं है,, पर उसने सोच लिया था कि वो कैसे भी यहां से निकल कर ही रहेगी,, उसके लिए उसे रात तक का इंतजार करना है,, वो यह सब सोच ही रही थी जब रुम का दरवाजा खुला,, आवाज सुनकर आस्था ने चेहरा ऊपर कर दरवाजे की तरफ देखा तो सामने खड़े इंसान को देख आंखों में नफ़रत उभर आई,,,पहले तो उसे लगा था कि शायद उसे कुछ ग़लत फहमी हुई है पर सामने खड़े इंसान को देख उसके मन में गुस्सा और नफ़रत भर गई,, वो घूर कर सामने खड़े अभिमन्यु की तरफ देखने लगी जो उसे ही देख रहा था,, तभी उसने दरवाजे की तरफ देख इशारा किया तो एक सर्वेंट जो पहले भी आस्था के रुम में आई थी वो अन्दर आई उसके हाथों में खाने की थाली थी,, सर्वेंट ने खाने की थाली को आस्था के सामने बिस्तर पर रख दिया और कमरे से बाहर चली गई,,

अभिमन्यु ने आस्था की तरफ देखा जो उसे गुस्से और नफ़रत से घूर रही थी और बोला

अभिमन्यु:- जानते हैं अभी आप बहुत गुस्से में है,, और आपका गुस्सा करना लाजमी भी है ,, हम आपको ऐसे बिना आपकी मर्जी के यहां लेकर आए हैं,, पर हम आपको सब कुछ बताएंगे पर उससे पहले आप खाना खा लीजिए फिर आराम से सम आपको आपकी सच्चाई है अवगत कराएंगे जिससे अभी आप अंजान है,,,

आस्था उसकी तरफ गुस्से में देखते हुए बोलती है,

आस्था:- क्या चाहिए तुम्हें, क्यों किडनैप किया है हमें,,??

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