सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 42
प्राग आस्था के साथ जबरदस्ती कर रहा था वहीं आस्था अब शान्त हो चुकी थी ऐसा था जैसे उसमें जान ही ना बची हो पर उसकी आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे,, तभी रुम का दरवाजा खुला और कोई अन्दर आया,, सामने का नजारा देख वो इंसान हैरान हो गया पर फिर एकदम उसका चेहरा गुस्से से काला पड़ गया और आंखें लाल हो गई,,
रुद तेजी से आगे बढ़ा और प्राग को आस्था से अलग कर उसे मारने लगा,, उसने उसे कुछ समझने का मौका तक नहीं दिया बस उसे लगातार मारता रहा ,, वहीं रुद्र को देख प्राग हैरान हो गया पर फिर वो उसे देख डरने लगा,, रुद्र लगातार उसे मारे जा रहा था,, प्राग की हालत खराब हो गई थी,, रुद्र ने आस्था की तरफ देखा जो अभी भी बेजान सी बेड पर लेटी हुई थी आंखों से आंसू अभी भी बह रहे थे,, उसे ऐसे देख रुद्र को ऐसा लगा जैसे किसी ने उसका दिल मुट्ठी में भींच दिया हो ,, आस्था की ऐसी हालत देख रुद्र को बहुत तकलीफ़ हो रही थी ,, वो प्राग को घसीटते हुए रुम से बाहर ले गया और उसे सीढियों से नीचे फेंक दिया,, प्राग लुढ़कते हुए सीढियों से नीचे गिरा उसकी हालत खराब हो चुकी थी,, दर्द की वजह से वो चिल्ला रहा था,, उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर सब घर वाले जाग गए और हॉल में आ गया,, पर वहां का नज़ारा देख सब हैरान हो गया,, रुद्र गुस्से में प्राग को बस मारे जा रहा था,, प्राग की हालत अब बहुत ज्यादा ही खराब हो गई थी,, वो लगभग बेहोशी की हालत में था,, अपने बेटे की ऐसी हालत देख सोमेश पटेल भाग कर रुद्र के पास गए और प्राग को उससे छुड़ाने लगे,, रुद्र ने उनकी तरफ घूर कर देखा तो उसकी गुस्से से लाल आंखें देख सोमेश पटेल भी घबरा गया और दो कदम पीछे हट गया,, रुद्र के गुस्से को देख उसकी हिम्मत ही नहीं हुई कि वो आगे बढ़कर अपने बेटे को उससे छुड़वा सके,,
बाकी सब भी उसे इतने गुस्से में देख घबरा गए,, तभी दादी ने हिम्मत की और उसके पास आकर धीरे से बोली
दादी:- रुद्र बेटा क्या हुआ तुम ऐसे प्राग को मार क्यों रहे हो,,
उनकी आवाज सुनकर रुद्र ने उनकी तरफ देखा तो अब तक जो उसने खुद को संभाल रखा था अपनी दादी को देख उसका सब्र टूट गया और रुद्र की आंखें नम हो गई,, उसने नम आंखों से अपनी दादी की तरफ देखा और भराए गले से बोला
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